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बदरीनाथ धाम




SHRI BADARINATH DHAM :
आज सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर हल्की बर्फबारी के बीच मंत्रोचारण के साथ पूरे विधिविधान से बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर अखंड ज्योति के दर्शन करने के लिए कड़ाके की ठंड के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु इसके साक्षी बने। बदरीनाथ धाम को  करीब 20 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया था इसके साथ ही धाम में स्थित प्राचीन मठ-मंदिरों को भी गेंदे के फूलों से सजाया गया है।

उत्तराखंड में गंगोत्री, यमनोत्री और बाबा केदारनाथ धाम के बाद श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही चार धाम यात्रा आज से पूरी तरह से शुरू हो गई है। धाम के  परिसर में सेना की मधुर धुन पर स्थानीय लोगों के साथ साथ यात्री भी थिरके। कपाटोद्घाटन के लिए टिहरी राजा के प्रतिनिधि के रूप में माधव प्रसाद नौटियाल भी पहुँचे वहीं लगभग 20 हजार तीर्थयात्री इस पावन अवसर पर भगवान बदरीनाथ के दर्शनार्थ धाम पहुंचे थे । 




इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। भारत के पहले गांव माणा के निवासी  काफी उत्साहित दिखाई दिए उन्होंने स्थानीय भाषा में भगवान बद्रीनाथ का गुणगान किया। उनके पहाड़ी गीतों पर यात्रीगण भी पूरी श्रद्धा के साथ झूमे। अब यात्रा पड़ावों के स्थान-स्थान पर तीर्थयात्रियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। आज पहले ही दिन बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के लगभग 400 वाहन पहुंच गए हैं। धाम में पहुंचे कुछ श्रद्धालु माणा गांव भी पहुंचे जिसके चलते देश प्रथम गांव माणा में भी चहल-पहल होने लगी है। 

कहा जाता है कि धाम में भगवान विष्णु ध्यान मुद्रा में विराजमान हैं।