Gauchar





गौचर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं उपचार के पर्याप्त इंतज़ाम 

कर्णप्रयाग : उत्तरखंड में स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के सरकार दावे तो बड़े बड़े कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है । इन केंद्रों में उपचार के पर्याप्त इंतज़ाम न होने से जनता परेशान है।  दूर दराज के केन्द्रो की बात तो दूर राष्ट्रिय राजमार्ग पर स्थित केंद्र भी लचर व्यवस्था के कारण दम तोड़ रहे हैं। बदहाली का यह आलम जनपद चमोली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गौचर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की देखी जा सकती है। जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों व बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण यह केंद्र मात्र रेफर सेंटर बनकर रह गया है। 

बता दें कि ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग से लगभग 73 किलोमीटर आगे जाकर जनपद चमोली में स्थित गौचर क्षेत्र में काफी जनसंख्या में लोग रहते हैं और यहां पर सभी तरह के सरकारी व गैरसरकारी कार्यालयों में राजकीय राजकीय बालिका इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के अलावा भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और सीमा सड़क संगठन की इकाई के साथ साथ वर्तमान में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण कार्य कर रहे सैकड़ों कर्मचारी व् अधिकारी भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


यही नहीं गौचर के आसपास के कई गांवों के लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर ही आते हैं लेकिन यहां उन्हें न तो कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मिलते हैं और न ही यहां पर्याप्त उपचार के साधन हैं जिससे उन्हें मायूसी हाथ लगती है। स्वास्थ्य केंद्र का ये हाल देखकर क्षेत्रवासी वर्ष 2004 से ही इसके उच्चीकरण की मांग करते आ रहे हैं लेकिन आज तक हालात जस के तस बने हुए हैं। 

यही स्थिति कर्णप्रयाग में एक दशक पूर्व बने ट्रामा सेंटर और सिमली में बने महिला अस्पताल की बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों का कहना है कि उच्चीकरण संबंधी प्रक्रिया शासन स्तर पर तेजी से चल रही है और डॉक्टरों  के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है।   

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