लोनी गाजियाबाद में उत्तराखंडी लोक भाषा ग्रीष्मकालीन कक्षाओं का समापनगाजियाबाद : लोनी में उत्तराखंडी भाषा ग्रीष्मकालीन कक्षा का समापन, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश रावत ने की सराहना

गाजियाबाद : लोनी में उत्तराखंडी भाषा ग्रीष्मकालीन कक्षा का समापन, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश रावत ने की सराहना

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लोनी : उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली एवं डीपीएमआई के अध्यक्ष डॉ. विनोद बछेती के संरक्षण में संचालित उत्तराखंडी भाषा ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाओं के अलंकनंदा केंद्र का साप्ताहिक सत्र रविवार को अलकनंदा कॉलोनी, इलायचीपुर में उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता श्री हरीश रावत ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और इस अभियान की जमकर सराहना की। शिविर में क्षेत्र के 42 नौनिहालों ने पूरे अनुशासन के साथ सहभागिता की। समापन सत्र के दौरान बच्चों को उत्तराखंड के सभी जनपदों, प्रमुख नदियों, लोक-परंपराओं तथा पर्यावरण से जुड़े ‘हरेला’ पर्व के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नई पीढ़ी को गढ़वाली, कुमाउनी एवं जौनसारी लोक-भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री चंदन पाण्डे, श्री कुलदीप गोसाई एवं श्री महेंद्र गुसाईं उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि महानगरों में इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों व उपस्थित प्रवासियों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी।

इस अवसर पर मीडिया प्रभारी जयेंद्र नेगी ने मातृभाषा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और पहचान की आत्मा है। नई पीढ़ी को अपनी भाषा से जोड़ना ही इस पूरे अभियान का मूल उद्देश्य है, जो भविष्य में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस अभियान को सफल बनाने में केंद्र प्रमुख श्रीमती मंजू उनियाल, श्रीमती पुष्पा सती, सह मीडिया प्रभारी श्रीमती संगीता भट्ट सहित जगदम्बा कंडासी, सरिता रावत, कश्मीरा रावत, आशा बड़माल, हीरा पटवाल एवं कविता तिवारी के सेवा-भाव और अथक परिश्रम की सभी ने सराहना की।