रुदप्रयाग में नगरासू गुरुद्वारा विवाद हुआ समाप्तउत्तराखंड : रुदप्रयाग में नगरासू गुरुद्वारा विवाद हुआ समाप्त सभी निहंग सिख पंजाब के लिए रवाना

उत्तराखंड : रुदप्रयाग में नगरासू गुरुद्वारा विवाद हुआ खत्म सभी निहंग सिख पंजाब के लिए रवाना

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रुद्रप्रयाग : नगरासू में स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में निहंगों और प्रबंधन के बीच हुआ विवाद स्थानीय प्रशासन की मध्यस्थता के बाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। पिछले तीन दिनों से गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल और छत पर डटे सभी निहंग सिख प्रशासन व पुलिस के साथ हुई बातचीत के बाद सुरक्षित एवं शांतिपूर्वक निचे उतर कर पंजाब के लिए रवाना हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार आज सुबह ही पंजाब से निहंगों का एक प्रतिनिधि मंडल नगरासू पहुंचा था। जिनके साथ वार्ता करने और प्रशासन के प्रयासों के बाद छत में रुके 4 निहंग सिख निचे उतर आए। 2 निहंग कल ही निचे उतर आये थे।

इसके साथ ही पिछले तीन दिन से चले आ रहे गतिरोध के दौरान जिन लोगों को कथित तौर पर रोके जाने या बंधक बनाए जाने की बात सामने आ रही थी, उन्हें भी छोड़ दिया गया है।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुरुद्वारे में अरदास, लंगर सेवा और हेमकुंड साहिब के तीर्थयात्रियों की आवाजाही पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से सुचारू रूप से चल रही है।

निहंग सिक्ख जत्था डेलीगेट्स के प्रतिनिधि ने कहा कि नगरासू में सब कुछ सामान्य हो गया है। हमने सबको समझा दिया है हमारी बात का मान रखते हुए वे सभी वपास पंजाब के लिए निकल गए हैं। आप सभी अपनी यात्रा जारी रखें। मैं सभी से आग्रह करता हूं, हम सब भाई भाई हैं जो यात्रा चल रही है, वो पूरे सौहार्द-प्रेम एवं भक्ति भाव के साथ चले। कानून किसी को भी हाथ में नहीं लेना चाहिए।

ज्ञातव्य हो कि यह पूरा विवाद 20 जून 2026 को बदरीनाथ हाईवे से सटे नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में शुरू हुआ था। पंजाब के होशियारपुर और मोहाली से आए निहंग सिखों के एक गुट, गुरुद्वारा प्रबंधन और सेवादारों के बीच लंगर व पार्किंग की व्यवस्था को लेकर कुछ कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद 6-7 निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादारों को बंधक बना गुरूद्वारे पर कब्ज़ा कर लिया था। जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। निहंगों ने इस पूरे विवाद को कर्णप्रयाग में हुई घटना से जोड़ दिया था।