उत्तराखंड : रोडवेज की बस में आधारकार्ड दिखाने पर सीनियर सिटीजन्स को बस से उतारने का गंभीर मामला आया सामने
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्रीनगर गढ़वाल : उत्तराखंड में आजकल कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है। अब ताजी घटना उत्तराखंड रोडवेज की मनमानी से निगम की बसों में वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही निःशुल्क यात्रा सुविधा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। श्रीनगर से ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर चलने वाली उत्तराखंड रोडवेज की एक बस नंबर UK 07P, A6694 में आधार कार्ड दिखाकर सफर करने वाली बुजुर्ग महिलाओं के साथ अभद्रता करने और उन्हें बस से उतारने का प्रयास करने का एक गंभीर मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार एक सामाजिक कार्यकर्ता गोदांबरी देवी कांडपाल को अपने घर से देहरादून जाना था लेकिन उन्हें सीधी बस नहीं मिलने से वो कोटद्वार वाली बस में बैठकर श्रीनगर उतर गई। वहां काफी देर इन्तजार करने के बाद उन्हें उत्तराखंड परिवहन निगम की बस मिली। उनके मुताबिक बस में भीड़ होने के बावजूद कुछ सीटें खाली थी।
वरिष्ठ यात्रियों को किया अपमानित
गोदांबरी देवी का कहना है की उनके साथ दो अन्य वरिष्ठ नागरिक और भी थे जो सरकार की वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क यात्रा योजना के तहत यात्रा कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमने जब बस में चढ़कर कंडक्टर को अपना आधार कार्ड दिखाया, तो परिचालक (conductor) ने उनसे साफ़ कह दिया कि आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें ऐसे आदेश मिले हैं। जब हमने इस नियम को लेकर सरकार के आधिकारिक आदेश के बारे में पूछा, तो बस में मौजूद एक अन्य पुरुष यात्री भी उनके साथ उलझ गया और उन्हें डराते-धमकाते हुए बस से उतर जाने को कहने लगा। उनके इस व्यवहार से हम स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्होंने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया।
परिचालक पर आधारकार्ड न लौटाने का आरोप
गोदांबरी देवी का यह भी आरोप है कि कंडक्टर उन्हें ऋषिकेश तक तो ले आया, लेकिन उसने उनका आधार कार्ड अपने पास रख लिया और मांगने पर भी वापस नहीं लौटाया।
सख्त कार्रवाही की मांग
इस व्यवहार से आहत होकर महिलाओं ने वीडियो के जरिए प्रशासन और मुख्यमंत्री से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और बुजुर्गों को सम्मानजनक सफर सुनिश्चित कराने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल
यह मामला सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ऐसे मौके पर सामने आया है, जब पहाड़ के विभिन्न क्षेत्रों से सार्वजनिक सेवाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। इस घटना ने राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती यात्रा योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

