उत्तराखंड : शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल विनोद प्रसाद सेमल्टी बने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, के.एस. रावत को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देहरादून : उत्तराखंड के शिक्षा विभाग से युवाओं, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और असरदार बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा और सकारात्मक फेरबदल किया है। वार्षिक स्थानांतरण सत्र-2026 के अंतर्गत विद्यालयी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल करते हुए उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बड़े बदलाव के तहत विभाग को नए माध्यमिक शिक्षा निदेशक, प्राथमिक शिक्षा निदेशक और विद्यालयी शिक्षा परिषद को नए सचिव मिल गए हैं।
शासन ने जारी किया आदेश, विनोद सेमल्टी को मिली कमान
उत्तराखंड शासन द्वारा 30 जुलाई को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इसके अंतर्गत वरिष्ठ अधिकारी विनोद प्रसाद सेमल्टी को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। विभाग को उम्मीद है कि उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ राज्य की माध्यमिक शिक्षा को मिलेगा।
के.एस. रावत को अतिरिक्त कार्यभार
इस फेरबदल में एक और बड़ा फैसला लेते हुए के.एस. रावत को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ प्रभारी निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा तथा अपर परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के कामकाज में तेजी लाने के लिए नए सचिव की भी तैनाती कर दी गई है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगी नई दिशा -डॉ. धन सिंह रावत
शिक्षा विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल और सरकार के विजन को स्पष्ट करते हुए उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में और अधिक गति आएगी तथा प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी। इन नियुक्तियों से विभागीय समन्वय मजबूत होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तेजी की उम्मीद
विशेषज्ञों और विभागीय सूत्रों का मानना है कि सत्र-2026 के तहत किया गया यह फेरबदल राज्य की स्कूली शिक्षा के लिए बेहद सकारात्मक साबित होगा। नए नेतृत्व के आने से प्राथमिक और माध्यमिक दोनों ही स्तरों पर अटके हुए प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और स्कूलों की मॉनिटरिंग और अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
इन अफसरों को भी मिली नई जिम्मेदारी
इसी क्रम में विनोद कुमार ढौंडियाल को उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर का प्रभारी सचिव बनाया गया है. इसके अलावा गोविन्द राम जायसवाल को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) के साथ-साथ प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून तथा रणजीत सिंह नेगी को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), नैनीताल के पद पर तैनात किया गया है. नेगी को प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल तथा लोक सेवा अधिकरण, नैनीताल में नोडल अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

