दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड : रविवार 7 जून को उत्तराखंड लोकमंच के आह्वान पर उत्तराखंड समाज ने दिल्ली के मालवीय नगर में होटल अग्निकांड में पुलिस द्वारा अरेस्ट किए गए निर्दोष उत्तराखंड के शेफ केसर सिंह नेगी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जंतर मंतर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। जिसमें बहुसंख्या में उत्तराखंडी समाज के लोगों ने प्रतिभाग कर न्याय की इस लड़ाई में अपनी भागीदारी निभाई। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच की मंग करते हुए कहा की बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाना उचित नहीं है।
धरना सुबह 10 बजे प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा और होटल अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी व्यक्तियों को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि देकर शुरू हुआ। प्रदर्शन में दिल्ली के सामाजिक संगठनों, राजनितिक दलों से सम्बंधित उत्तराखंडी प्रतिनिधियों, यूकेडी के प्रतिनिधियों सहित समाज से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि इस अग्निकांड में जिम्मेदार बड़े लोगों को बचाने के लिए पुलिस एक गरीब शेफ को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है जबकि मीडिया में स्पष्ट दिख रहा है कि वे वहां पर मौजूद रहकर लोगों की मदद के लिए अपनी तरफ से प्रयास कर रहे थे। लेकिन लगता है मीडिया के सामने सच बोलने की उन्हें ये सजा मिल रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि घटना के लिए जिम्मेदार अन्य पक्षों की भूमिका पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
इस मामले में सबसे सक्रीय वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना की सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा होटल में फायर सेफ्टी NOC नहीं थी, और होटल में अनैतिक रूप से 25 कमरे बनाये गए थे जिनमें एंट्री व एग्जिट के लिए केवल एक ही गेट था। उन्होंने सिस्टम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपनी जवाबदेही व अनैतिक कार्यों से बचने के लिए वो इस मामले में एक निर्दोष को बलि का बकरा बना रहे हैं लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। क्योंकि केसर सिंह ने आग लगते ही बिजली का मुख्य स्विच बंद किया था। जो कि अमूमन आग लगने पर सुरक्षा की सामान्य प्रक्रिया है।

उत्तराखंड लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी ज्ञापन सौंपा गया है।
गढ़वाल हितैषिणी के महासचिव पवन मैठाणी ने भी निष्पक्ष जांच की मांग को दोहराते हुए कहा की यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार कठोर दंड मिलना चाहिए लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को बिना साक्ष्यों की दोषी बना लेना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता चारु तिवारी ने जन कवी गिरीश तिवारी गिर्दा के गीत जैंता एक दिन तो आलो, उ दिन यो दुनि में, चाहे हम नई ल्यै सकूं चाहे तुम नि ल्यै सको मगर क्वे न क्वे त ल्याळो, उ दिन यो दुनि मा…..सुनाकर उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार भर दिया। कहा की उत्तराखंड राज्य भी आंदोलनों के बल पर बना था और समाज को न्याय के लिए लोकतान्त्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए।
लक्ष्मण रावत ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाही नहीं होती है तो आगे बड़े जनांदोलन पर विचार किया जायेगा। वहीं देहरादून से अपनी टीम के साथ पहुंचे यूकेडी नेता एवं पत्रकार आशुतोष नेगी ने कहा कि उत्तराखंड समाज इस मामले में न्याय मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
अन्य वक्ताओं ने भी निष्पक्ष जांच की मांग के साथ ही कहा कि हम सबको विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्य सामने आएगा और कानून के अनुसार नेगी जी के पक्ष में निर्णय होगा। उन्होंने सरकार से भी इस मामले में अपना पक्ष रखने की अपील की। कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में सभी की आस्था बनी रहनी चाहिए और निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ पत्रकार देव सिंह रावत, रमेश भट्ट, सुरेंद्र सिंह हालसी, पवन मैठानी, गजेन्द्र सिंह चौहान, शशिमोहन कोटनाला, देवेंद्र सजवाण, चारु तिवारी, प्रताप थलवाल, कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, लक्ष्मण रावत, ईश्वर रावत, उत्तराखंड क्रांति दल के आशुतोष नेगी, प्रताप साही, प्रमिला, पूर्व मेजर संतोष भंडारी, पत्रकार व्योमेश जुगरान, दीप चंद सिलोड़ी, प्रदीप वेदवाल, दाताराम चमोली, सत्येंद्र नेगी, पूनम बिष्ट, द्वारिका प्रसाद चमोली, राजेश डंडरियाल, संजय चौहान, दिनेश ध्यानी, वीरेंद्र जुयाल उपिरि, बबीता नेगी, रजनी जोशी ढौंडियाल, कोमल नेगी राणा, लक्ष्मी रावत, कमला रावत, रेनू उनियाल, उदय ममगाईं राठी, गीता नेगी, विक्की बोहरा, पी.एन. शर्मा, संजय नौडियाल, राहुल सती, शंकर खाती, पृथ्वी रावत, दाताराम चमोली, विनोद ढौढ़ियाल, लोकगायक शिव दत्त पंत, प्रोफेसर प्रकाश उप्रेती, विपिन नेगी, कुलदीप रावत, पंकज पैन्यूली, हुकम सिंह कंडारी, अजय बिष्ट, पूजा चमोली, सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में श्री केसर सिंह नेगी के लिए न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।

