श्री हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से निरंतर जारीश्री हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से निरंतर जारी जत्थेदार मानसिंह ने कहा दो संस्कृतियों के मिलन का अनुपम उदाहरण लिए है यह यात्रा

श्री हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से निरंतर जारी जत्थेदार मानसिंह ने कहा दो संस्कृतियों के मिलन का अनुपम उदाहरण लिए है यह यात्रा

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कर्णप्रयाग : श्री हेमकुंड साहिब यात्रा-2026 पूर्ण रूप से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से गतिमान है। विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ लोग श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर भ्रामक, तथ्यहीन और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर रहे हैं लेकिन ऐसी वीडियोज जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

पंजाब से विशेष रूप से हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए पहुंचे निहंग जत्थेदार अकाली मान सिंह जी तथा घांघरिया के स्थानीय जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों ने संयुक्त वक्तव्य देकर इस संवेदनशील विषय की वास्तविक स्थिति एवं जमीनी हकीकत को स्पष्ट किया है।

जत्थेदार अकाली मान सिंह जी ने स्वयं गोविंदधाम और घांघरिया के मुख्य यात्रा पड़ावों पर प्रवास किया, वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने समस्त सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय पहाड़ी निवासियों और दुकानदारों ने हमेशा से श्रद्धालुओं को अत्यंत आदर और सत्कार दिया है। यदि हम दूसरों का सत्कार करेंगे, तो हमें भी बदले में सत्कार ही मिलेगा। सोशल मीडिया पर चंद ‘Views’ और ‘Likes’ बटोरने के उद्देश्य से जो नकारात्मकता फैलाई जा रही है, श्रद्धालु उस पर तनिक भी विश्वास न करें।

घांघरिया और चमोली के स्थानीय निवासियों व घोड़ा-खच्चर संचालकों ने अत्यंत भावुकता के साथ स्पष्ट किया कि वे प्रतिवर्ष अक्टूबर माह से लेकर अगले वर्ष मई माह तक अत्यंत उत्सुकता से देश-विदेश से आने वाले इन श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा करते हैं। वे किसी भी यात्री के साथ दुर्व्यवहार करने की बात स्वप्न में भी नहीं सोच सकते। यदि अनजाने में किसी स्तर पर कोई छोटी-मोटी गलतफहमी या विवाद की स्थिति उत्पन्न भी होती है, तो उसे आपस में बैठकर सहृदयता के साथ तत्काल सुलझा लिया जाता है।

जत्थेदार मान सिंह जी ने पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से आने वाले युवाओं से विशेष रूप से करबद्ध प्रार्थना की है कि वे इस पवित्र भूमि पर एक अनुशासित ‘यात्री’ और ‘श्रद्धालु’ बनकर आएं, न कि किसी हुल्लड़बाज के रूप में। पारंपरिक शस्त्र हमारी धार्मिक पहचान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक हैं। सोशल मीडिया पर रील्स बनाने या किसी को डराने के उद्देश्य से शस्त्रों का अनुचित प्रदर्शन या गलत उपयोग पूर्णतः वर्जित होना चाहिए। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उसके संबंध में तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।

श्री हेमकुंट साहिब की यह पवित्र यात्रा प्राचीन काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के मिलन, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का एक अनुपम उदाहरण रही है।चमोली पुलिस देवभूमि में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का हृदय से स्वागत करती है और आपकी सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है।

वर्तमान में संचालित हो रही सचखंड श्री हेमकुंड साहिब यात्रा-2026 पूर्णतः सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से गतिमान है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ लोग चंद ‘Likes’ और ‘Views’ के चक्कर में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर भ्रामक, तथ्यहीन और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर रहे हैं ऐसी वीडियोज जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

इस संवेदनशील विषय पर वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने हेतु पंजाब से विशेष रूप से पहुंचे निहंग जत्थेदार अकाली मान सिंह जी तथा घांघरिया के स्थानीय जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों ने संयुक्त वक्तव्य में जमीनी हकीकत को रेखांकित किया ।

जत्थेदार अकाली मान सिंह जी ने स्वयं गोविंदधाम और घांघरिया के मुख्य यात्रा पड़ावों पर प्रवास किया, वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने समस्त सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय पहाड़ी निवासियों और दुकानदारों ने हमेशा से श्रद्धालुओं को अत्यंत आदर और सत्कार दिया है। यदि हम दूसरों का सत्कार करेंगे, तो हमें भी बदले में सत्कार ही मिलेगा। सोशल मीडिया पर चंद ‘Views’ और ‘Likes’ बटोरने के उद्देश्य से जो नकारात्मकता फैलाई जा रही है, श्रद्धालु उस पर तनिक भी विश्वास न करें।

घांघरिया और चमोली के स्थानीय निवासियों व घोड़ा-खच्चर संचालकों ने अत्यंत भावुकता के साथ स्पष्ट किया कि वे प्रतिवर्ष अक्टूबर माह से लेकर अगले वर्ष मई माह तक अत्यंत उत्सुकता से देश-विदेश से आने वाले इन श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा करते हैं।वे किसी भी यात्री के साथ दुर्व्यवहार करने की बात स्वप्न में भी नहीं सोच सकते। यदि अनजाने में किसी स्तर पर कोई छोटी-मोटी गलतफहमी या विवाद की स्थिति उत्पन्न भी होती है, तो उसे आपस में बैठकर सहृदयता के साथ तत्काल सुलझा लिया जाता है।

जत्थेदार मान सिंह जी ने पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से आने वाले युवाओं से विशेष रूप से करबद्ध प्रार्थना की है कि वे इस पवित्र भूमि पर एक अनुशासित ‘यात्री’ और ‘श्रद्धालु’ बनकर आएं, न कि किसी हुल्लड़बाज के रूप में। पारंपरिक शस्त्र हमारी धार्मिक पहचान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक हैं। सोशल मीडिया पर रील्स बनाने या किसी को डराने के उद्देश्य से शस्त्रों का अनुचित प्रदर्शन या गलत उपयोग पूर्णतः वर्जित होना चाहिए। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उसके संबंध में तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।

श्री हेमकुंट साहिब की यह पवित्र यात्रा प्राचीन काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के मिलन, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का एक अनुपम उदाहरण रही है।चमोली पुलिस देवभूमि में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का हृदय से स्वागत करती है और आपकी सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है।